अलावलपुर - यह नाम सुनकर यदि आप यह प्रश्न पुछते है तो इसमे कोइ आश्चर्य की बात नही। मेरे और मुझ जैसे गिनती के कुछ और लोगों के सिवा ये नाम किसी और को शायद ही पता हो।
देखें तो इसमे आपकी कोई गलती नहीं ।अलबत्ता, गलती अलावलपुर की भी नही। इस जगह मे ऐसा कुछ भी नही जिसके लिये आप इसे जाने या फिर याद रखें। अभी तक तो ऐसा ही है। लेकिन मुमकिन है कि कुछ दिनों में ( या कहूँ कि कुछ वर्षों मे ) ये सुरतेहाल बदल जाये ।
अलावलपुर बिहार के मुज्जफ़र्पुर जिले मे एक छोटा सा गाँव है। मेरी पैदाइश इसी गाँव मे लगभग तीन दशक पहले हुई थी। अलावलपुर की कहानी उत्तर भारत के किसी अन्य गाँव की कहानी से ज्यादा भिन्न नही है। लेकिन जिन लोगों ने भारत के गावों को करीब से नहीं देखा है उनके लिये यह कहानी तब भी रुचिकर हो सकती है। तो चलिये अलावलपुर चलते हैं ।
कुछ साक्ष्य
भारत के 30 लाख गाँवों के महा -समुद्र मे अलावलपुर एक गुमनाम लहर है। 1991 की जनगणना मे यहाँ की आबादी 1985 थी । यहाँ की 929 महिलाओं मे सिर्फ 18 प्रतिशत ही साक्षर हैं । जो बच्चे और बडे पढे लिखे हैं उनके बारे मे किसी अन्य ब्लोग में लिखूँगा ।
Subscribe to:
Post Comments (Atom)
1 comment:
Dear I will to shocked to see this data about websites are active and inactive click here to read more
Post a Comment